

class 10
Presentation
•
Other
•
8th - 10th Grade
•
Medium
VINA BHONDELEY
Used 1+ times
FREE Resource
2 Slides • 5 Questions
1
अपठि्त गद्यांश-
लोग चाहते हैं कि सरकार उनकी भलाई के लिए कार्य करती रहे और वे स्वयं कुछ न करें। गाँधी जी के सिद्धांतों पर चलने की अपेक्षा भी अधिकतर लोग दूसरों से ही कहते हैं जबकि स्वयं उन पर चलना नहीं चाहते। गाँधीजी किसी गरीब को भोजन देने के बजाए उसके लिए काम उपलब्ध कराने की बात करते थे। वे खैरात बाँटने का खुला विरोध करते थे। उनका कहना था-भगवान हमारा नौकर नहीं है, जो हमारे काम कर जाए। काम तो हमें ही करना पडेगा। सच है कि हम गाँधी जी के बताये रास्ते से हट गए हैं। हम चाहते हैं कि हमारा काम सरकार करे या कोई और करे।

2
अपने अधिकार हमें याद हैं परंतु समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यो को हम भूल गए है।हमअकर्मण्यता के दलदल में धंसते जा रहे हैं। कर्म संस्कृति की सोच हमने क्षीण कर दी है। भ्रष्टाचार का विरोध करने के बजाए हम अपनी सुविधा देखते हैं। सड़क पर यातायात का पहले हम उल्लघंन करते हैं और पकड़े जाने पर जुर्माना देने के बजाए कम रकम में पुलिस से समझौते की फिराक में रहते हैं और इसके बाद पुलिस को भ्रष्ट बताते हैं। गम्भीरता से सोचें, तो जहाँ भी हमें घूस देनी पड़ रही है, वहाँ कुछनकुछ हमारे आचार-व्यवहार में कमी अवश्य होती है। जहाँ कमी नहीं होती, वहाँ घूस इसलिए देनी पड़ती है, क्पोकि भेड़िए के मुंह में खून लग चुका होता है। गाँधी की राह पर अंशभर चलकर तो देखें चारों ओर खुशहाली ही होगी।
3
Multiple Choice
लोग क्या चाहते हैं?
सरकार कुछ न करे।
वे खुद सब कुछ करे।
सरकार उनका भला करती रहे, वे कुछ न करें।
4
Multiple Choice
गाँधी जी के सिद्धान्तों की स्थिति क्या है?
लोग चाहते हैं कि दूसरे गाँधी के सिद्धान्तों पर चलें।
लोग गाँधी जी के सिद्धान्तों पर चलते हैं।
लोग गरीबों को काम दिलाते हैं।
5
Multiple Choice
गाँधी जी किस बात का विरोध करते थे।
सहयोग करने का
आन्दोलन करने का
खेरात बाँटने का
6
Multiple Choice
... हम अपनी सुविधा देखते हैं। (सही कथन से वाक्य पूरा कीजिए।)
दूसरों की सुविधा देखकर फिर.
भ्रष्टाचार का विरोध करने के बजाय
पुलिस द्वारा पकड़े जाने पर
7
Multiple Choice
उल्लंघन- का सही सन्धि विच्छेद लिखिए।
उल्लं +घन
उत् + लंघन
उत् + लंघ
अपठि्त गद्यांश-
लोग चाहते हैं कि सरकार उनकी भलाई के लिए कार्य करती रहे और वे स्वयं कुछ न करें। गाँधी जी के सिद्धांतों पर चलने की अपेक्षा भी अधिकतर लोग दूसरों से ही कहते हैं जबकि स्वयं उन पर चलना नहीं चाहते। गाँधीजी किसी गरीब को भोजन देने के बजाए उसके लिए काम उपलब्ध कराने की बात करते थे। वे खैरात बाँटने का खुला विरोध करते थे। उनका कहना था-भगवान हमारा नौकर नहीं है, जो हमारे काम कर जाए। काम तो हमें ही करना पडेगा। सच है कि हम गाँधी जी के बताये रास्ते से हट गए हैं। हम चाहते हैं कि हमारा काम सरकार करे या कोई और करे।

Show answer
Auto Play
Slide 1 / 7
SLIDE
Similar Resources on Wayground
6 questions
बालगोबिन भगत
Presentation
•
10th Grade
3 questions
sandhi ( HINDI )
Presentation
•
6th - 8th Grade
10 questions
अलंकार (कक्षा -10 )
Presentation
•
10th Grade
1 questions
वाक्य के भेद
Presentation
•
8th - 9th Grade
6 questions
अपठित गद्यांश-
Presentation
•
9th - 10th Grade
8 questions
IX पर्यावरणं
Presentation
•
9th Grade
10 questions
Trial
Presentation
•
9th - 12th Grade
5 questions
Untitled Presentation
Presentation
•
8th Grade
Popular Resources on Wayground
24 questions
PBIS-HGMS Day 10
Quiz
•
6th - 8th Grade
10 questions
HCS SCI 03 Summer School Review 3
Quiz
•
3rd Grade
11 questions
Home Scope
Quiz
•
7th - 8th Grade
15 questions
HCS SCI 05 Summer School Assessment 3 Review
Quiz
•
5th Grade
35 questions
Lufkin Road Middle School Student Handbook & Policies Assessment
Quiz
•
7th Grade
18 questions
Geo 11.3 Area of Circles and Sectors
Quiz
•
9th - 11th Grade